वैनगार्ड के संस्थापक और इंडेक्स (सूचकांक) फंड के आविष्कारक, महान जॉन (जैक) बोगल का निधन इसी साल 16 जनवरी को हो गया। म्यूचुअल फंड उद्योग की दशा बदलने में श्री बोगल का अभूतपूर्व योगदान है। 2004 में, टाइम पत्रिका ने श्री बोगल को “दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली लोगों” में से एक का नाम दिया था।

जो निवेशक शेयर बाजार की चाल को नहीं समझ पाते हैं,उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे अच्छा साधन है। और इसलिए, इन दिनों ये फंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

म्यूचुअल फंड में लोगों का निवेश, एक सक्षम फंड मैनेजर द्वारा पेशेवर रूप से प्रबंधित किया जाता है। फंड मैनेजर आपको बेहतर रिटर्न देने के लिए अल्फा (बेंचमार्क से अधिक रिटर्न) उत्पन्न करने की कोशिश करता है। उनकी सेवाओं के लिए हम उन्हें प्रबंधन शुल्क देते हैं जो फंड के व्यय अनुपात में शामिल होता है।

जॉन क्लिफ्टन बोगल (1929 – 2019)

श्री बोगल का जन्म 8 मई 1929 को मोंटक्लेयर, न्यू जर्सी में हुआ था। उनके शुरुआती दिन, महामंदी (the Great Depression) के दौरान संघर्ष से भरे थे। उन्हें अखबार बाँटने और वेटर के रूप में काम करना पड़ता था। बाद में, पूरी छात्रवृत्ति के साथ उन्हें प्रिंसटन विश्वविद्यालय में दाखिला मिला। वहाँ पढ़ाई के दौरान उन्होंने पाया कि सक्रिय रूप से प्रबंधित म्यूचुअल फंड को शेयर बाजार से अधिक रिटर्न देने में कठिनाई होती है।

विश्वविद्यालय के लिए लिखे अपने शोधपत्र “द इकोनॉमिक रोल ऑफ द इन्वेस्टमेंट कंपनी” में श्री बोगल ने लिखा कि बाजार के औसत रिटर्न पर श्रेष्ठता का दावा म्यूचुअल फंड नहीं कर सकते हैं।

बोगल की थीसिस से प्रभावित होकर श्री वाल्टर मॉर्गन ने उन्हें वेलिंगटन मैनेजमेंट कंपनी में अपने सहायक के रूप में काम पर रख लिया। अपनी कार्यकुशलता से विभिन्न पद पर काम करते हुए 1967 में श्री बोगल वेलिंगटन मैनेजमेंट कंपनी के प्रेसिडेंट बने। दुर्भाग्य से, 1974 में, एक प्रबंधन विवाद के कारण उन्हें कंपनी छोड़नी पड़ी हालांकि उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली थी।

वैनगार्ड की स्थापना

श्री बोगल पूरी तरह से टूट चुके थे और उन्हें पता नहीं था कि वे आगे क्या करेंगे। फिर भी, हिम्मत कर उन्होंने ‘वैनगार्ड’ की स्थापना की। और श्री बोगल के मार्गदर्शन में, वैनगार्ड समूह ने 1 मई 1975 को संचालन शुरू किया। उन्होंने अपने इस नए उद्यम को “द वैनगार्ड एक्सपेरिमेंट” कहा, जहां म्यूचुअल फंड स्वतंत्र रूप से और लागत खर्च पर संचालित होंगे।

यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात है। ‘म्यूचुअल फंड’ में ‘म्यूचुअल’ शब्द का अर्थ होता है – पारस्परिक। और वैनगार्ड एक सच्ची पारस्परिक कंपनी है। कम्पनी का स्वामित्व उनके फंड के पास हैं और फंड के स्वामी उनके शेयरधारक हैं। अर्थात कम्पनी के शेयरधारक ही कम्पनी के असली मालिक हैं।

एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी का मकसद लाभ अर्जित करना होता है। वैनगार्ड को सिर्फ अपनी लागत की पूर्ति करना है और इसी वजह से वे अपनी लागत को बहुत कम रख सकते हैं।

सूचकांक फंड के आविष्कारक

1976 में, वैनगार्ड ने व्यक्तिगत निवेशकों के लिए पहला इंडेक्स म्यूचुअल फंड पेश किया, जिसका नाम “फर्स्ट इंडेक्स इनवेस्टमेंट ट्रस्ट” था। लेकिन यह योजना फ्लॉप हो गयी। जिन बैंकों ने इसे प्रबंधित किया वे मात्र 11 मिलियन डॉलर ही जुटा पाए।

श्री बोगल से इस योजना को बंद करने का आग्रह किया गया। उस समय इस फ़ंड की बहुत आलोचना हुई और इसे ” बोगल की मूर्खता”, “अमेरिका-विरोधी” और “पतन का एक निश्चित मार्ग” कहा गया।

लेकिन बोगल ने इन आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए फ़ंड को जारी रखा। आज यह फ़ंड वैनगार्ड 500 इंडेक्स फंड के रूप में जाना जाता है और 400 बिलियन डॉलर से अधिक संपत्ति के साथ उद्योग के सबसे बड़े फंड में से एक बन गया है।

भार-रहित फंड

1977 में एक बार फिर परंपरा को तोड़ते हुए वैनगार्ड ने दलालों से छुटकारा दिलाते हुए अपने निवेशकों को सीधे निवेश करने की सुविधा दी। इस कदम ने बिक्री शुल्क को समाप्त कर दिया, जो उस समय 8% से अधिक था। और यह एक भार-रहित (नो-लोड) म्यूचुअल फंड बन गया, जिससे दलालों को दिए जाने वाले बिक्री कमीशन के रूप में करोड़ों डॉलर की बचत होने लगी।

वैनगार्ड प्रभाव” ने म्यूचुअल फंड उद्योग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है जिसके कारण अन्य फ़ंड प्रबंधकों को भी अपनी लागत कम करनी पड़ी है। व्यक्तिगत निवेशक के प्रणेता, जैक बोगल को म्यूचुअल फंड लागत और प्रदर्शन में पारदर्शिता लाने का श्रेय दिया जाता है।

निवेशक–हित संरक्षक

श्री बोगल हमेशा सुलभ थे। वे अक्सर लोगों को हस्तलिखित नोट द्वारा जवाब देते थे। एक बार उन्होंने एक टैक्सी चालक को एक इंडेक्स फंड खाता खोलने के लिए,  उसकी कार के हुड पर, कागजी कार्रवाई करने में व्यक्तिगत रूप से मदद की।

श्री बोगल की कुल सम्पत्ति 100 मिलियन डॉलर से भी कम है। जॉनसन परिवार, जिसने फिडेलिटी फंड की स्थापना की, वह अरबों डॉलर का है। फिडेलिटी की अध्यक्षा सुश्री एबीगेल जॉनसन अकेले 15.6 बिलियन डॉलर की सम्पत्ति की मालकिन हैं।

वैनगार्ड एक बड़ी कंपनी है। आप कल्पना कर सकते हैं कि यदि जैक ने कंपनी की संरचना अलग तरीके से की होती, तो उनकी सम्पत्ति कितनी होती! लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने शेयरधारकों को हक दिलाना बेहतर समझा।

जॉन बोगल प्रत्ययी नियम (fiduciary) के समर्थक थे। उनका मानना था कि सभी वित्तीय सलाहकारों को अपने ग्राहकों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के शोध-पत्र में लिखा था “एक फंड के प्रबंधन को कुशल, ईमानदार और किफायती तरीके से संचालित करना चाहिए”।

जॉन बोगल द्वारा लिखित पुस्तकें

श्री बोगल ने 12 किताबें लिखीं जिसमें से 11 उन्होंने सेवानिवृत होने के बाद लिखीं। उनकी किताब “बोगल ऑन म्यूचुअल फंड्स” (1994) सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में शामिल है। दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ने इसे “म्यूचुअल फंड्स की प्रामाणिक पुस्तक” करार दिया। उनकी कुछ प्रमुख पुस्तकें निम्न हैं:

  • बोगल ऑन म्यूचुअल फंड्स: न्यू पर्सपेक्टिव फॉर दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर
  • कॉमन सेंस ऑन म्यूचुअल फंड्स: न्यू इम्परेटिव्स फॉर दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर
  • जॉन बोगल ऑन इन्वेस्टिंग: द फर्स्ट 50 इयर्स
  • द लिटिल बुक ऑफ कॉमन सेंस इन्वेस्टिंग

महान जैक को श्रद्धांजलि

बोगलहेड्स के चर्चा बोर्ड पर डेविड जे ने लिखा, “वह एक अरबपति हो सकते थे। किंतु इसकी बजाय उन्होंने सैकड़ों हजारों निवेशकों को करोड़पति बना दिया”।

दिग्गज निवेशक, वॉरेन बफे ने कहा, “एक अमेरिकी निवेशक के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में, जैक ने बहुत अधिक काम किया है। मुझे पता है कि शेयर बाजार में बिना कुछ दिए भी लोग बहुत कुछ चार्ज करते हैं। उन्होंने तो कुछ भी लिए बिना निवेशकों को बहुत बड़ी राशि दे दी”।

म्यूचुअल फंड्स के ‘जैक’और इंडेक्सिंग के ‘आविष्कारक’ को हम उन्हीं के शब्दों में श्रद्धांजलि देना चाहेंगे, “यह एक अच्छे पति, एक अच्छे पिता, एक अच्छे सहयोगी और समुदाय का एक अच्छा सदस्य होने के बारे में है। बाकी सब व्यर्थ है। भौतिक वस्तुओं का संचय वस्तुत: बेकार है। आप उन्हें अपने साथ नहीं ले जा सकते परंतु हमारी वित्तीय प्रणाली इस अपव्यय को बढ़ावा देती है। आत्मकेंद्रित (या स्वार्थी) होने की बजाए आवश्यकता है दूसरों की सेवा के बारे में सोचने की।”

वर्तमान वैनगार्ड प्रबंधन से ‘म्यूचुअल फंड निवेशक’ का विनम्र आग्रह है कि वह भारत में परिचालन शुरू करें ताकि भारतीय निवेशकों को भी महान ‘जैक’ बोगल की विरासत का लाभ मिल सके।

कुछ भाग वैनगार्ड पृष्ठ से उल्लेखित।

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