यक्ष प्रश्न! हर निवेशक इस प्रश्न का सरल जवाब चाहता है। और वास्तव में यह सरल है। हमने जानबूझ कर इसे जटिल बना रखा है।

निवेश साधन के चुनाव में दो मुख्य कारक हैं जिनपर आपका निर्णय निर्भर करता है। निवेशित रहने की अवधि और आपके जोखिम लेने की क्षमता।

यदि आप पाँच वर्ष से कम के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेब्ट फ़ंड का चुनाव करें। पाँच वर्ष से अधिक समय के लिए आप इक्विटि और हाइब्रिड फंड्स में निवेश कर सकते हैं।

यदि आप केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कर चुके हैं, तो आप म्यूचुअल फ़ंड में निवेश के लिए तैयार हैं। यदि नहीं, तो केवाईसी प्रक्रिया के विषय में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

जोखिम लेने की क्षमता का आकलन करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

फ़ंड का चुनाव कैसे करें?

साभार: म्यूचुअल फ़ंड सही है

म्यूचुअल फ़ंड उद्योग में 42 फ़ंड हाउस हैं और उनके हजारों फ़ंड। बाज़ार में उपलब्ध इन हजारों म्यूचुअल फ़ंड में से किसे चुने, कहाँ निवेश करें?

इस प्रश्न का उत्तर जानने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि म्यूचुअल फ़ंड कितने तरह के होते हैं। और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपको किस प्रकार के फ़ंड में निवेश करना चाहिए।

विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फ़ंड 

म्यूचुअल फ़ंड रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 06 अक्तूबर 2017 को अपने परिपत्र द्वारा म्यूचुअल फ़ंड के वर्गीकरण की रूप रेखा निर्धारित कर दी है जिसका सभी फ़ंड हाउस को पालन करना अनिवार्य है। और सभी फ़ंड हाउस इसका अनुपालन कर चुके हैं।

इससे न सिर्फ म्यूचुअल फ़ंड बाज़ार में समरूपता आई है बल्कि निवेशकों के लिए भी निर्णय लेना आसान हो गया है।

सेबी के परिपत्र को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें – SEBI categorisation

सेबी के उक्त परिपत्र से यह स्पष्ट है कि इक्विटि के 10, डेब्ट के 16, हाइब्रिड के 6, उद्देश्य-पूरक के 2 और अन्य (सूचकांक, आदि) के 2 प्रकार के फंड्स हो सकते हैं।

एक आम निवेशक को इन 36 प्रकार के म्यूचुअल फ़ंड के विषय में सोचने की जरूरत नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाना है। और इसीलिए हम सिर्फ इक्विटी और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स के विषय में बात करेंगे।

साभार: म्यूचुअल फ़ंड सही है

इक्विटी और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स

अब इक्विटि के 10 और हाइब्रिड के 6 प्रकार के फंड्स में से बेहतर फ़ंड का चुनाव करना आसान होगा। हमने स्वयं को जिन दो प्रकार के म्यूचुअल फ़ंड तक सीमित किया है, उनके विषय में संक्षिप्त जानकारी ले लेते हैं:

  1. इक्विटि फंड्स : ये अधिकांश रूप से इक्विटी अर्थात कंपनियों के शेयर में निवेश करते हैं। इनका मूल उद्देश्य पूंजी वृद्धि होता है। इनमें उच्च लाभ देने की अच्छी संभावनाएं होती हैं और दीर्घकालीन निवेश के लिए ये सर्वश्रेष्ठ हैं।
  2. हाइब्रिड फंड्स : ये इक्विटी और डेब्ट दोनों में निवेश करते हैं। यानि कुछ हिस्सा कंपनियों के शेयर में और कुछ हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियां, बॉन्ड, कॉमर्शियल पेपर या डिबेंचर जैसे मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। इस प्रकार से ये वृद्धि संभावनाओंके साथ-साथ आय निर्माण का सर्वश्रेष्ठ अवसर प्रदान करते हैं।

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